इतिहास

g

इस गांव में यह बहुत ही प्राचीन दूर्गा मंदिर है। इस मंदीर में मां भगवती की पूजा प्रत्येक दिन होती है। पहले यहां प्रत्येक दिन बली देकर पूजा होती थी, लेकिन अब भी साल में दो बार रामनवमी एवं दूर्गापूजा के दिन बली दी जाती है। भक्त पूरे 9 दिन फलाहार कर भक्ति आराधाना ढोल-बाजे के साथ की जाती है। यहां लोगों में विष्वास है कि जो भक्त मनत मांगते हैं उसकी मनोकामना पूर्ण होती है।